Questions and Answers in Loksabha on EPS 95 Pension Hike

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GOVERNMENT OF INDIA MINISTRY OF LABOUR AND EMPLOYMENT LOK SABHA

UNSTARRED QUESTION NO. 156 TO BE ANSWERED ON 04.12.2023

IMPLEMENTATION OF SUPREME COURT VERDICT IN EPF

156. ADV. A.M. ARIFF:

Will the Minister of LABOUR AND EMPLOYMENT be pleased to state:

(a)whether the Government has taken any steps for implementing the Supreme Court verdict in the EPF Pension case on 4th November 2022, if so, the details thereof; (

b)whether the Government has calculated the amount required for payment of EPF pension to subscribers proportionate to salary as ordered by the Supreme Court, if so, the details thereof;

c)whether the Government is aware that huge amount is remaining ( in the EPF pension fund without claimants/legal heirs, if so, the details of such balance in the pension fund as on date; and (d)whether the Government proposes to consider utilisation of the above said balance for payment of pension proportionate to

salary, if not, the reasons therefor?

ANSWER

MINISTER OF STATE FOR LABOUR AND EMPLOYMENT (SHRI RAMESWAR TELI)

(a):

As per directions contained in paragraph 44(ix) read with paragraph 44(v) and 44(vi) of the Hon’ble Supreme Court judgment dated 04.11.2022, online applications were called by Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) on 29.12.2022, followed by corrigendum dated 05.01.2023, from pensioners who had retired before 01.09.2014 and had exercised joint option for contributing in pension fund on salary exceeding wage ceiling before their retirement but whose joint options were rejected by the EPFO (on account of cut-off date). Joint options were to be filed on or before 03.03.2023. The date upto which online joint options were to be filed was extended upto 03.05.2023, thereafter upto 26.06.2023 and thereafter up to 11.07.2023.

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2:

As per directions contained in paragraph 44 (iii) & paragraph 44 (iv) read with paragraph 44(v) of the judgment of Hon’ble Supreme Court dated 04.11.2022, instructions were issued by EPFO on 20.02.2023 for online joint options to be filed by the employees who were in service prior to 01.09.2014 and continued to be in service on or after 01.09.2014 but could not exercise joint option under erstwhile proviso to paragraph 11(3) of Employees’ Pension Scheme (EPS), 1995. Joint option form was to be filled on or before 03.05.2023. The date upto which joint options were to be filled was extended upto 26.06.2023 and thereafter up to 11.07.2023.

In order to implement the directions contained in paragraph 44(vii) of the judgment, the Government has issued two notifications viz. S.O. 2060(E) and S.O. 2061(E) dated 3 May, 2023.

(b):

In case of pensioners/members found eligible for pension on higher wages, in compliance of Hon’ble Supreme Court judgement dated 04.11.2022, demand notices are being issued to the pensioners/members. The amount of pension payable on higher salary will vary from case to case.

(c) & (d): The pension fund under the EPS, 1995 is a pooled fund. In the pension fund, individual accounts are not maintained. Members of EPS, 1995 are eligible for Withdrawal Benefit or Pension depending on their eligibility based on the number of years of Service. As per actuarial evaluation of the fund as on 31.03.2019, the pension fund is in deficit.

HINDI

Translated from the English version.

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Pभारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय लोक सभा अतारांकित प्रश्न सं. 156 का उत्तर 04.12.2023 को दिया जाएगा ईपीएफ में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कार्यान्वयन 156. एडीवी. पूर्वाह्न। आरिफ़: क्या श्रम एवं रोजगार मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि: (ए) क्या सरकार ने 4 नवंबर 2022 को ईपीएफ पेंशन मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए कोई कदम उठाया है, यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; ( बी) क्या सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ग्राहकों को वेतन के अनुपात में ईपीएफ पेंशन के भुगतान के लिए आवश्यक राशि की गणना की है, यदि हां, तो उसका विवरण क्या है; ग) क्या सरकार को पता है कि ईपीएफ पेंशन फंड में दावेदारों/कानूनी उत्तराधिकारियों के बिना बड़ी राशि शेष है, यदि हां, तो आज की तारीख में पेंशन फंड में ऐसे शेष का विवरण है; और (डी) क्या सरकार इस पर विचार करने का प्रस्ताव रखती है पेंशन के भुगतान के लिए उपरोक्त शेष राशि का आनुपातिक उपयोग वेतन, यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं? उत्तर श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (श्री रामेश्वर तेली) (ए): माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 04.11.2022 के फैसले के पैराग्राफ 44(ix) के साथ पठित पैराग्राफ 44(v) और 44(vi) में निहित निर्देशों के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा 29.12 को ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। .2022, इसके बाद दिनांक 05.01.2023 का शुद्धिपत्र, उन पेंशनभोगियों से, जो 01.09.2014 से पहले सेवानिवृत्त हुए थे और जिन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति से पहले वेतन सीमा से अधिक वेतन पर पेंशन फंड में योगदान के लिए संयुक्त विकल्प का उपयोग किया था, लेकिन जिनके संयुक्त विकल्प ईपीएफओ द्वारा अस्वीकार कर दिए गए थे (खाते पर) कट-ऑफ तिथि का)। संयुक्त विकल्प 03.03.2023 को या उससे पहले दाखिल किए जाने थे। जिस तिथि तक ऑनलाइन संयुक्त विकल्प दाखिल किए जाने थे, उसे 03.05.2023 तक, उसके बाद 26.06.2023 तक और उसके बाद 11.07.2023 तक बढ़ा दिया गया था। जारी..2/-2: माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 04.11.2022 के फैसले के पैराग्राफ 44 (iii) और पैराग्राफ 44 (iv) के साथ पढ़े गए निर्देशों के अनुसार, ईपीएफओ द्वारा ऑनलाइन संयुक्त विकल्पों के लिए 20.02.2023 को निर्देश जारी किए गए थे। उन कर्मचारियों द्वारा दायर किया जाना है जो 01.09.2014 से पहले सेवा में थे और 01.09.2014 को या उसके बाद भी सेवा में बने रहे, लेकिन कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के पैराग्राफ 11(3) के पूर्ववर्ती प्रावधानों के तहत संयुक्त विकल्प का उपयोग नहीं कर सके। , 1995. संयुक्त विकल्प फॉर्म 03.05.2023 को या उससे पहले भरा जाना था। संयुक्त विकल्प भरने की तिथि 26.06.2023 तक और उसके बाद 11.07.2023 तक बढ़ा दी गई थी। फैसले के पैराग्राफ 44(vii) में निहित निर्देशों को लागू करने के लिए, सरकार ने दो अधिसूचनाएं जारी की हैं। इसलिए। 2060(ई) एवं एस.ओ. 2061(ई) दिनांक 3 मई, 2023. (बी): उच्च वेतन पर पेंशन के लिए पात्र पाए गए पेंशनभोगियों/सदस्यों के मामले में, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 04.11.2022 के फैसले के अनुपालन में, पेंशनभोगियों/सदस्यों को डिमांड नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उच्च वेतन पर देय पेंशन की राशि हर मामले में अलग-अलग होगी। (सी) और (डी): ईपीएस, 1995 के तहत पेंशन फंड एक एकत्रित फंड है। पेंशन निधि में, व्यक्तिगत खाते नहीं रखे जाते हैं। ईपीएस, 1995 के सदस्य सेवा के वर्षों की संख्या के आधार पर उनकी पात्रता के आधार पर निकासी लाभ या पेंशन के लिए पात्र हैं। 31.03.2019 तक फंड के बीमांकिक मूल्यांकन के अनुसार, पेंशन फंड घाटे में है।